Hindi Story Karm And Bhagya

Hindi Story Karm And Bhagya

           !! कर्म और भाग्य !! Karm And Bhagya

 

एक चाट वाला था। जब भी उसके पास चाट खाने जाओ तो ऐसा लगता कि वह हमारा ही रास्ता देख रहा हो। हर विषय पर उसको बात करने में उसे बड़ा मज़ा आता था। कई बार उसे कहा कि भाई देर हो जाती है, जल्दी चाट लगा दिया करो पर उसकी बात ख़त्म ही नहीं होती। एक दिन अचानक उसके साथ मेरी कर्म और भाग्य पर बात शुरू हो गई।

 

तक़दीर और तदबीर की बात सुन मैंने सोचा कि चलो आज उसकी फ़िलासॉफ़ी देख ही लेते हैं। मैंने उससे एक सवाल पूछ लिया। मेरा सवाल उस चाट वाले से था कि आदमी मेहनत से आगे बढ़ता है या भाग्य से?

 

उसने जो जवाब दिया उसका जबाब को सुन कर मेरे दिमाग़ के सारे जालें ही साफ़ हो गए। वो चाट वाला मेरे से कहने लगा आपका किसी बैंक में लॉकर तो होगा.?

 

मैंने कहा हाँ, तो उस चाट वाले ने मेरे से कहा कि उस लॉकर की चाबियाँ ही इस सवाल का जवाब है। हर लॉकर की दो चाबियाँ होती हैं। एक आप के पास होती है और एक मैनेजर के पास। आप के पास जो चाबी है वह है परिश्रम और मैनेजर के पास वाली भाग्य।

 

जब तक दोनों चाबियाँ नहीं लगतीं लॉकर का ताला नहीं खुल सकता। आप कर्मयोगी पुरुष हैं और मैनेजर भगवान! आपको अपनी चाबी भी लगाते रहना चाहिये। पता नहीं ऊपर वाला कब अपनी चाभी लगा दे। कहीं ऐसा न हो कि भगवान अपनी भाग्यवाली चाबी लगा रहा हो और हम परिश्रम वाली चाबी न लगा पायें और ताला खुलने से रह जाये।

 

शिक्षा:- Karm And Bhagya

कर्म करते रहिए, भाग्य भरोसे रहकर अपने लक्ष्य से दूर मत होइए।

 

सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है।

जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।।

✍✍✍✍✍✍✍✍✍✍✍

होली पर निबंध लिखो

100 Wild Animals Name

 

Karm And Bhagya

Leave a Comment